कुछ पल
कुछ पल
1 min
294
कुछ पल तो ठहरते हैं अश्क
आंखों में बहने से पहले
कुछ दर्द समेटे कुछ याद में लिपटे
गालों पे बहते आंखों के रस्ते
गिले शिकवे करते तो कभी इजहार
अश्कों के होते अफसाने हजार
हर पल की दास्तां करते बयां
आंखों में छुपे रहते हैं सदा
किसी के हंसाने की किसी के
सताने की कीमत चुकाते अश्क सदा
कुछ पल ...
