STORYMIRROR

Anuradha Shrivastava

Abstract Classics Inspirational

4  

Anuradha Shrivastava

Abstract Classics Inspirational

बुद्ध हुए बिना

बुद्ध हुए बिना

1 min
17

द्वंद अंतर्मन का मिटना

 बुद्ध हुए बिना मत जाना


ज्ञान का दीप जलाना

मूर्ख मत रह जाना


मिलता नहीं जीवन दोबारा

नाम अपना तुम कर जाना


अज्ञात गलियों में खो ना जाना

दीप अपना तुम ना बुझाना


जीवन पथ को तुम सजाना 

सबके लिए एक राह बन जाना


सब कुछ है छूट जाना 

छूटने से पहले टूट न जाना


टूटा तारा बन बिखर न जाना

बिखरने से पहले रोशन जहां कर जाना


बुद्ध से प्रबुद्ध तुम बन जाना

हर बंजर मन की आवाज बन जाना

बुद्ध हुए बिना ...


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract