STORYMIRROR

Anuradha Shrivastava

Romance

4  

Anuradha Shrivastava

Romance

बदलता मौसम

बदलता मौसम

1 min
411


कुछ तो कर कम अगन तेरी

तप रही रूह मेरी


सह ना जाए विरह का मौसम

कम हो रही सांस मेरी


क्या है रजा ये तो बता दे अब तेरी

बंद न हो जाएं आंख मेरी


गर बदलता है मौसम मंजिल तेरी

तो बदलते हम भी राहें अपनी


पर करू ये दुआ मिटे दूरी मेरी तेरी 

आ फिर जोड़ लें हम कड़ी तेरी मेरी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance