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GUDDU MUNERI "Sikandrabadi"

Romance

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GUDDU MUNERI "Sikandrabadi"

Romance

बिन फेरे हम तेरे

बिन फेरे हम तेरे

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तेरे दिल की मानी 

मेरे दिल की मानी,

ये तेरी जिन्दगानी 

ये मेरी जिन्दगानी

सब से ही कहते रहते हैं 

बिन फेरे हम तेरे 

बिन फेरे हम तेरे।


क्या सोचता है समाज 

सबका ही है एक रिवाज 

प्यार मोहब्बत कोई ना माने 

कहने को बनते सब उस्ताद,


हर दीवाना कहता फ़िर रहा 

सुन ले मेरे प्यार की आस 

अध्याय का एक नया पाठ

बिन फेरे हम तो तेरे।


भावनाओं का खेल है 

हम दोनों का मेल है 

फ़िर ये शादी-ब्याह क्यूँ

माता-पिता की मर्जी क्यूँ,


मैं तुम्हारा तुम मेरी हो 

मेरी पसंद तेरी पसंद है 

तेरी पसंद मेरी पसंद है 

फ़िर जमाने को क्यूँ इतना घमंड है,


मर्जी से कोई प्यार करता नहीं

दिल पर कोई वार करता नहीं 

ये आँखों ही आँखों में 

हो जाने का खेल है,


ये प्यार है बिन फेरे का 

ना तेरे का ना मेरे का 

हर आशिक के लब कहते हैं

हम तो तेरे है 

बिन फेरे हम तेरे।


तेरे दिल की मानी 

मेरे दिल की मानी,

ये तेरी जिन्दगानी 

ये मेरी जिन्दगानी

सब से ही कहते रहते हैं 

बिन फेरे हम तेरे 

बिन फेरे हम तेरे।


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