STORYMIRROR

Neerja Sharma

Romance

3  

Neerja Sharma

Romance

बीती रात कमल दल फूले

बीती रात कमल दल फूले

1 min
346


बीती रात कमल दल फूले

चाँदनी छिटकी है चहूँ ओर

मैं विरहन बैठी अकेली 

बाट निहारूँ प्रियतम रे।


तुमने कहा तुम आओगे

कमल दल जब फूलेंगें

अब तो आओ मन तरसे

बाट निहारूँ प्रियतम रे।


रात, चाँदनी और सितारे 

साक्षी मेरी पीड़ा के 

तुम कैसे मुझे भूल गए 

बाट निहारूँ प्रियतम रे।


बीती रात कमल दल फूले 

हँस- हँस कर मुझे निहारें

बावली में बतियाऊँ खुद से 

बाट निहारूँ प्रियतम रे।


दिलासा कमल दल देते

आने की भी आस बँधाते 

जल्दी से क्यों नहीं आते

बाट निहारूँ प्रियतम रे।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance