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Gulab Jain

Tragedy

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Gulab Jain

Tragedy

भविष्य से बेख़बर...

भविष्य से बेख़बर...

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लाड़-प्यार से बड़ा किया सपनों का महल सजाया

माँ-बाप ने बेटे को हर मुश्किल से बचाया

जिस बेटे को पिता ने स्कूल में प्रवेश दिलाया,

उसी बेटे ने वृद्ध बाप को वर्द्धाश्रम पहुंचाया

कैसी शिक्षा पाई उसने कोई समझ न पाया

एक दिन वो भी बूढ़ा होगा आज वो जान न पाया।                 




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