STORYMIRROR

Bhavna Thaker

Romance

4  

Bhavna Thaker

Romance

भूला ना पाओगे

भूला ना पाओगे

1 min
88

मत करो महबूब इतनी मेहनत खाँमख़ा 

हर हिचकी पर मैं ही याद आऊँगी तुम्हें 


जाओगे कहीं भी हर शै में पाओगे मुझे 

मुझे भूलना तुम्हारे बस की बात ही नहीं 


उस गलियारे के मोड़ पर खड़ी पाओगे

जहाँ मिले थे पहली बार हम तुम सनम 


बरसात की तन्हा रात कैसे काटोगे भला

हर बूँद में बसी मेरी ही तो झलक पाओगे 


जब भिगोगे यादों की कंटीली बारिश में 

तब रह ना पाओगे तुम दौड़े चले आओगे


तुम्हारी खुशीयों की परिभाषा मैं ही तो हूँ 

कहो अकेले कोई जश्न कैसे मना पाओगे 


तुम्हारे जीने की वजह ही जब मैं हूँ जानाँ 

इस आदत से छुटकारा कहो कैसे पाओगे


लिखने बैठोगे कुछ गज़ल नज़्म सा तब

तसव्वुर में हर रंग मेरे ही रुप के पाओगे


गुनगुनाओगे कोई गीत जब मस्ती में तुम

साथ बिताए हर लम्हों की कसक पाओगे


ईश को याद करते जुड़ेंगे जब हाथ दोनों

मन मंदिर में प्रियवर मेरी ही मूरत पाओगे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance