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Sumit. Malhotra

Tragedy Action

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Sumit. Malhotra

Tragedy Action

भूल जाते है।

भूल जाते है।

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जब-जब भी मौका मिला है,

अधिकतर हम भूल जाते हैं। 


लिखी एक एक बात सही है, 

हम इंसान पर देवता नहीं है। 


इंसान भी बहुत कम रह गए, 

ज़्यादातर दानव राक्षस तो है। 


केदारनाथ त्रासदी आपदा हो, 

निर्भया बहन के साथ अन्याय। 


सच में शर्म बहुत है आती हमें, 

कुछ पुरुषों के लिए शर्मिंदा हूँ। 


बस एक ही दुआ रोज़ माँगी है, 

कुछ भी हो सदा इंसान ही रहूँ।


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