STORYMIRROR

Sonam Kewat

Romance Tragedy Action

4  

Sonam Kewat

Romance Tragedy Action

बहुत जरूरी है !

बहुत जरूरी है !

1 min
195

तुझे चाहता तो था पर

चाहत में खुद को भुला चुका हूं

अब और नहीं होगा मुझसे

मैं तुझसे अब दूर जा चुका हूं


इतने दिनों तक जाने कितना

वक्त तुझ पर बर्बाद कर किया

तन मन धन सब कुछ लूटाकर

तुझे तो मैंने आबाद कर दिया


लेकिन तुझ पर तो कुछ भी

कभी असर ही नहीं करता

इसलिए अब जाकर मुझे भी

कोई फर्क नहीं पड़ता


छोड़ दिया अब वह प्यार के

हर ख्वाबों में तुझे सजाना

छोड़ दिया मैंने अब

तेरी गली में आना जाना


अब चाहकर भी मैं कभी भी

तुझको ना ही याद करूंगा

अब ना ही तुझसे मिलने की

कभी कोई फरियाद करूंगा


नादान था तो जो कभी

जिंदगी को ना पहचान सका

तुम्हें जिंदगी कहता रहा पर

कभी खुद को भी ना जान सका


जो हुआ वह बदल नहीं सकता

हा शायद यही मजबूरी है

पर अब जो हो सकता है

उसे बदलना बहुत जरूरी है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance