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Pooja Agrawal

Romance Fantasy

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Pooja Agrawal

Romance Fantasy

बेल प्रेम की

बेल प्रेम की

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बेल की तरह तुम्हारा प्रेम 

मेरे अंदर निरंतर बढ़ता है

अश्कों से सींचती हूँ उसको

मोहब्बत की रोशनी में खिलता है

रोज होते हैं अंकुरित तेरी यादों के पत्ते

कलियों का सृजन होता है।



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