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Vidhya Koli

Tragedy

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Vidhya Koli

Tragedy

बेबस,लाचार जनता

बेबस,लाचार जनता

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भारत की लाचार जनता

पूरा नहीं होता इनका कोई सपना

न कभी कोई काम है बनता

ऐसी है भारत की लाचार जनता


सरकार के क्षणभंगुर वादों से

पीड़ित हैं सब चारों ओर से

कभी चुनाव कभी विकास 

कभी योजना कभी सहायता


बहरी हो जायेंगी इन

ढकोसलों से परिपूर्ण शोर से

टिकी है सरकार जिस पर

जिन पर है हर काम ठनता 

पूरा नहीं.......


सफेदपोश लोग हाथ जोड़कर 

काम अपना साधते हैं

बन गई सरकार तो

आँख भर नहीं झांकते हैं


शोषण कर गरीबों का

घर भर जाता है धन से

ये लाचार बेबस लोग

एक तार न होता जिनके तन पे

फिर भी इन नालायकों का

तिल भर भी मन न भरता 

पूरा नहीं.....!!



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