STORYMIRROR

Saraswati Aarya

Fantasy Children

4  

Saraswati Aarya

Fantasy Children

बचपन

बचपन

1 min
264

उस चाँद के लिए

मैंने भी जिद की होगी

माँ ने मुझे पानी का चाँद दिखाया होगा

कभी भाग के कभी छिप के

मैंने भी माँ को सताया होगा


पानी की बाल्टी में

अपने हाथों से छप- छप करके

कपड़ो को अपने भीगाया होगा

फिर माँ ने गुस्से में आकर

प्यार से चांटा लगाया होगा


पापा ने कंधे पर बैठाकर

मेला मुझे घुमाया होगा

मंदिर की घंटी या फिर

तालियों कि गूँज में नाचकर

बेताल डांस में सबको खूब हँसाया होगा


पापा के कंधे और माँ की गोदी में सोकर

सुकून उन्हें दिलाया होगा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy