STORYMIRROR

Kavita Yadav

Tragedy Inspirational

3  

Kavita Yadav

Tragedy Inspirational

बाप ....

बाप ....

1 min
221

दहेज लेना पाप है

आख़िर वह बेटी का बाप हैं।

आज का नहीं सदियों से ,

चलता आ रहा यह अभिशाप है।।


दहेज की फीते का

कितना बड़ा नाप हैं,

आखिर वह लड़की का बाप हैं।

स्वयं को निहारिये,

देखिये तो सही कौन आप है।।


जरा खुद की जेब में भी 

हाथ टटोलिये, तब पता

चलेगा कितना आप

की जेब का नाप हैं।

बाप उम्र भर झेलता,

यह समाज की ताप हैं।।

आखिर वह बेटी का बाप हैं।

आज समाज में दिखता 

 कितना लोगों में उत्पात हैं।

आखिर वह बेटी का बाप हैं।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy