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संदीप सिंधवाल

Tragedy

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संदीप सिंधवाल

Tragedy

बाहर कर्फ्यू लगा है साहब

बाहर कर्फ्यू लगा है साहब

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सब्जी वाला छुपते छुपाते

निकल जाता है गलियों में 

साथ सब्जी की रेडी लेकर।


वो सब्जी जो घर पर बची थी

और फिर सड़ जाएगी अगले रोज

परिवार को खिलाने को 

कुछ दाना शेष न रहा। 


मैं बोला भाई पुलिस मारेगी तो? 

तो बोला वैसे भी मारना है साहब

एक कर्फ्यू पेट में लगा हुआ है 

ऊपर से,

बाहर कर्फ्यू लगा है साहब। 





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