STORYMIRROR

अरमान

अरमान

1 min
285


ओढ़ लूँ बदन पर तुम्हें

आँचल बनाकर लाल मखमली

सजा लूँ माथे पर सजना तुम्हें

बनाकर सितारे सिंदूरी


रात की ख़ामोशी में

सुहागो वाली शहनाई बजे

अंधेरो की गुमनाम गली से

तुम्हारे अरमानो की, मेरी डोली उठे


सेज सजे ना सजे फूलों वाली

गजरा बनाकर बाहें तुम्हारी गुंथ लूंगी।

शृंगार जब कर लूंगी

आँखो मे तुम्हारे बस जाऊंगी


जेवर जो प्यार का तुम्हारे

मेरे तन पर सजे

क्या जरूरत है मुझे

हीरे- मोती के गहने पहनूं



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance