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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

अनोखा इतिहास हो

अनोखा इतिहास हो

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मैं चाहता हूंँ आज तेरी मेरी मुलाकात हो,

ईस सुहानी शाम तें तेरा चेहरा चमकता हो,

तेरा इंतजार कर के मैं खड़ा हूंँ ओ सनम,

आज मेरा और तेरा एक अनोखा मिलन हो।


मैं चाहता हूंँ आज की रात बहुत हसीन हो,

सितारों की महफिल में तेरे हुस्न की रंगत हो,

मैं तुझसे इश्क का इजहार करूंगा ओ सनम,

तेरे नैनों में मेरी तस्वीर मुझे दिखाई देती हो।


मैं चाहता हूंँ तुम मेरी बांहों में सिमट रही हो,

तेरे बेशुमार हुस्न से मुझे मदहोश बना रही हो,

मैं तेरा दिल से इस्तकबाल करुंगा ओ सनम,

हमें देखकर चांद भी बादलों में छुप गया हो।


मैं चाहता हूंँ तेरे साथ इश्क का अतूट बंधन हो,

मेरे ख्वाबों की तू हसीन मल्लिका बन गई हो,

मेरे इश्क की वजीरात तेरे लिये है ओ सनम,

इश्क के आलम में हमारा अनोखा इतिहास हो।



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