अनजाना प्यार
अनजाना प्यार
उस अनजान अजनबी का,
है हमें बेसब्री से इंतजार।
जो रोज़ रात ख्वाब में आकर,
छेड़ देता है मेरे दिल के तार।
उससे मिलने को,
है मेरा दिल बेकरार।
जाने कब वो हसीं दिन आएगा,
जब ख्वाब हकीकत में बदलेगा।
होंगे उस अनजान अजनबी के हमें दीदार।।
जब होंगी उनसे आंखें चार,
होश न खो दूं मैं तो यार!!!

