STORYMIRROR

Pooja Srivastav

Romance Fantasy

3  

Pooja Srivastav

Romance Fantasy

अनजाना प्यार

अनजाना प्यार

1 min
216

उस अनजान अजनबी का,

है हमें बेसब्री से इंतजार।

जो रोज़ रात ख्वाब में आकर,

छेड़ देता है मेरे दिल के तार।

उससे मिलने को,

है मेरा दिल बेकरार।

जाने कब वो हसीं दिन आएगा, 

जब ख्वाब हकीकत में बदलेगा।

होंगे उस अनजान अजनबी के हमें दीदार।।

जब होंगी उनसे आंखें चार,

होश न खो दूं मैं तो यार!!!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance