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Shashi Aswal

Abstract Others

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Shashi Aswal

Abstract Others

ऐसे है मेरे भोले

ऐसे है मेरे भोले

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देवों में इनका तृतीय स्थान

हिमालय हैं जिनका निवास स्थान

भांग धतूरा पी के

मस्त मलंग हो के

अपने ही धुन में खो के

ध्यान में मग्न हो के

ऐसे है मेरे भोले


शिवलिंग पर साधारण जल चढ़ाने

से भी खुश हो जावे

दानवों की तपस्या से भी

खुश हो जावे

मन माँगा

वर दे देवें

ऐसे है मेरे भोले


तीसरी आँख खुल जाए

तो विनाश हो जाए

शांत रूप में

धरती भी खिलखिलाए

ऐसे है मेरे भोले

कंठ हैं इनका नीला

गले में लटके साँप

सर पर सजे चाँद

शरीर पर मले विभूति

भूतों के संग रहते वो

ऐसे है मेरे भोले... 


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