STORYMIRROR

Amol Nanekar

Romance

3  

Amol Nanekar

Romance

अगर

अगर

1 min
247

आज हम अगर रुक गए होते

तो सच में आज मर गए होते।


आज उसने मुड़कर देखा

हम देखते तो बिखर गए होते।


नजर हमने चुरा लिए वर्ना

उसकी आँखों में रहकर सँवर गए होते।


किसी ने उसको बता दिया वर्ना

हम भी पल भर ठहर गए होते।


बहुत दिनों से देखा ही नहीं था उसको

आज ना देखते तो सचमुच

उदासी से भर गए होते।


ഈ കണ്ടെൻറ്റിനെ റേറ്റ് ചെയ്യുക
ലോഗിൻ

More hindi poem from Amol Nanekar

मुसीबत

मुसीबत

1 min വായിക്കുക

चांदनी

चांदनी

1 min വായിക്കുക

वक्त

वक्त

1 min വായിക്കുക

चयन

चयन

1 min വായിക്കുക

कामयाबी

कामयाबी

1 min വായിക്കുക

चार दिन

चार दिन

1 min വായിക്കുക

इल्ज़ाम

इल्ज़ाम

1 min വായിക്കുക

जिद

जिद

1 min വായിക്കുക

नजर

नजर

1 min വായിക്കുക

Similar hindi poem from Romance