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Amol Nanekar

Others

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Amol Nanekar

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मुसीबत

मुसीबत

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ये Private कंपनियां भी अजीब ही होतीं हैं

खुद मुसीबतमें हो तो लोगों को घर से उठाती हैं

औऱ employee मुसीबत में हो तो

उन्हें सीधे घर बिठाती हैं

जिस पे चाहे उसपर करोड़ों लूटा देते हैं

कोरोना से ज्यादा तो यही लोग

आम लोगों की उम्मीद को मिटा देते हैं

कोरोना का समय भले ही बुरा हैं आम लोगों के लिए

कंपनियों ने हमारे एकनिष्ठता का मज़ाक ही उड़ाया है

जरूरत थी तो भीड़ से अलग कर दिया था

आज हमें जरूरत हैं तो हमें भीड़ में छोड़ दिया हैं



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