STORYMIRROR

Amol Nanekar

Others

3  

Amol Nanekar

Others

इल्ज़ाम

इल्ज़ाम

1 min
305


आजकल तो मेरा बुरा हाल है

ना जवाब है,ना कोई सवाल है,


ना नींद है ना अब कोई ख्वाब है

क्या खो गया है,क्या मेरा मलाल है?


उस बेचारी को क्यों इल्जाम दूं

हम ही फंसे हैं, हमारा ही जाल है,


गलतफहमियां सारी धुल गयी थीं

फिर भी दिल के आईने पर बाल है,


फिर भी उसे देखा करूँ या भूल जाऊं

अब ऐ दर्द दिल,तिरा क्या ख्याल है?



Rate this content
Log in