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अमित प्रेमशंकर

Drama

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अमित प्रेमशंकर

Drama

अभी हुआ है सवेरा

अभी हुआ है सवेरा

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अभी तो सूरज की किरणें भी ना फूटी

 ना उठे हैं किसान 

अभी ना उड़, पहले घौंसला बना 

उड़ना पूरे दिन है बाकी। 


अभी हुआ है सवेरा

अभी पूरे दिन है बाकी

अभी तो युवराज भी ना बना

 ना बना है राजकुमार 

अभी ना हुकूम चला,

पहले राज्य बना

 राजा बनना है बाकी। 


अभी हुआ है सवेरा

अभी पूरे दिन है बाकी 

अभी तो रणभूमि में आए भी नहीं 

और बाण चलाने लगे 

अभी ना उछल, झट से संभल 

रणभेरी बजना है बाकी। 


अभी हुआ है सवेरा

अभी पूरे दिन है बाकी

आए अभी हो इस

जीवन की ज़ंग में

क्या छोड़ दोगे

क्या लाए हो संग में।


वो इतिहास अब भी

लिखना है बाकी

अभी हुआ है सवेरा

अभी पूरे दिन है बाकी।


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