STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Drama

4  

Kanchan Prabha

Drama

अभी बाकी है

अभी बाकी है

1 min
401

अभी बाकी है

देश बदल रहा है फिर भी

बहुत बदलाव अभी बाकी है

घर के बाहर कदम रखे तू

नजरिया बदलनी बाँकी है

छूने को तू तत्पर आसमान


पर कितने पतंग लुटने बैठे

कहती आज तु मर्द से आगे

क्यो आँखो में समंदर अभी बाकी है

देश बदल रहा है फिर भी


बहुत बदलाव अभी बाकीकी है

अकेली महिला को सड़क पर

आधी रात को चलना बाँकी है

महिला दिवस हर वर्ष मना कर

देश बदल नही सकता है


महिला का सम्मान सीख कर

काला हृदय बदलना बाकी है

देश बदल रहा है फिर भी

बहुत बदलाव अभी बाकी है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama