STORYMIRROR

saru pawar

Action Inspirational

4  

saru pawar

Action Inspirational

आवाज ऊँठा..

आवाज ऊँठा..

1 min
2

आवाज ऊँठा..कुछ अलग नहीं है हम


तु भी मैं भी ..

 पिडा का तेरी

 होगा शायद रूपकुछ अलग


पर पिडित मैं भी

तु भी …ओ भी हम भीना अब पर्दा रखकिसी सिमा का

जो बांटे हमें दायरों में किसीजाती ,रंग ,धर्म प्रदेश

 या खेल ,देश या सरहदो में भी

हो के एक हम साथ

 कुछ नया करे देखो आज

 


के फिर ना हो कोई

निर्भया ना अरूणाबिल्किस ना मथुरा……

 ना हो अंधेरों के ख्वाफ

ना परवाह समाज की……

तो आवाज ऊँठा …


इतनी बुँलंद के चमके जैसे बिजली 

कडकडाती..जलाती ..झुलसाती

 


डराती हर अंधेरे को..

के हात आँचल तक पहुँचने से पेहले ही जल जाऐ

नजरे ऊँठे नहीं तुझे घुरने को

ओ संम्मान से झुक जाए …

कोई देहलिज रोके नहीं तुझे

 

केहके ऐ के जमाना खराब है

 तेरे लिए…..


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action