आंसू
आंसू
आज यूं ही दिल भर आया है
जाने क्यों दिल में एक दर्द सा उमड़ आया है
क्या आज ये दर्द मेरी आँखों में उतर जाएगा
क्या ये सभी को नज़र आ जाएगा
दिल को तो कई बार मैंने समझाया है
कि है दुनिया का दस्तूर ये
किसी का दर्द देख यहां हैं सब हँसते
दर्द के यहां बनते हैं बस किस्से
फिर भी ये क्यों छा गया है मेरे दिल पे
किसी का ग़म सुन के
इनको भुलाने की मेरी कोशिश जारी है
इनको छिपाने की मैंने की पूरी तैयारी है
ख़ुद को समझाया है मैंने
लोग कमज़ोर समझेंगे अगर हम रो दें
ग़म में किसी के साथ होना दुनिया के लिए मुश्किल है
हँसो तो दुनिया हँसी में होती शामिल है
सुनतीं हूँ मैं ये बातें खुद की बड़े मन से
पर दिल बड़ा उद्दंड है
इसे लगता ये सब पाखंड है
दिल आँखों के रास्ते सजा ही देता है दस्ताने, मेरी पलकों पे
डरती हूँ पलकों के चिलमन से कोई झाँक न ले
मेरे दर्द की गहराई कोई भांप न ले
कठोर दिखूँ तो ही ठीक
कोमलता मेरे हृदय से कोई छाप न ले
पर फिर भी हूँ एक इंसान
दिल को मेरे भी मोहब्बत का अरमान
किसी का प्यार पाना कहाँ बुरा है
प्यार में अगर मिले दर्द तो क्या नया है
फिर दोष क्या देना किसी को, अगर
एक आँसू जो आ गया है
आँसू शायद अब पलकों से छलक ही जायेंगे
अब किसी के रोके न रुक पाएंगे
हम लाख छुपाएं
ये सारी कहानी बयां कर जाएंगे
पानी में ये खारापन कहाँ घुला है
कौन सी चुभन थी जिसने इसे जना है
क्यों दिल से निकली आह है
दिल की गली में क्या फिर कोई दरख़्त गिरा है
शायद किसी तबाही का सीला है
और भला ये आँसू क्या है
