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Arun Gode

Romance

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Arun Gode

Romance

आँखों -आँखों में

आँखों -आँखों में

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 आँखों -आँखों में   

तेरे-मेरे आँखों में कैसा सिलसिला, 

दिल में उठती हलचल, जवानी का नशा। 

पहले भी बहारें आती-जाती रहीं, 

पर तेरे बिना दिल में हलचल न हुई। 


जब से तुझे इन आँखों ने कैद किया, 

दिल की धड़कनें खुद-ब-खुद तेज़ हुईं। 

तेरे दीदार से बहारें गुनगुनाने लगीं, 

तेरी कमी हर पल मुझे सताने लगीं। 


तेरी यादों का साया दिल में उतरता है, 

दिन-रात तेरा ही नाम पुकारता है। 

सादगी और प्यार से तूने अपनाया, 

तेरे प्रेम ने मेरे दर्द को सहलाया। 



धैर्य की राह पर तेरा इंतज़ार करूँ, 

हर तूफ़ान में भी तुझसे प्यार करूँ। 

तेरी मुस्कान से रोशन हो मेरी दुनिया, 

तेरे बिना अधूरी लगे मेरी जिंदगानियाँ। 


प्रेम की शोकांतिका भी मधुर गीत बने, 

तेरे संग हर सफ़र में रंग नए बिखरे। 

तेरी मोहब्बत ही मेरी पहचान है, 

तेरे बिना जीवन बस वीरान जहान है।


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