मेरा सपना
मेरा सपना
मेरा सपना
जब-जब तेरी अदाओं को मैं देखूँ,
हर बार मैं खुद को भूल जाऊँ।
तेरा चेहरा मेरी आँखों में ठहर जाए,
तेरी हर अदा पे दिल झूम जाए।
तेरे नज़ाकत का मैं दीवाना बना,
ये कैसा फसाना, बिना सोचे समझा।
तुझे देखने को ढूँढूँ हर बहाना,
फिर दिल को समझाऊँ, खुद को बहलाना।
अजब-गजब सी चल रही है कशमकश,
क्या इस कशमकश को मिलेगा यश?
इश्क का करों तुम अपने दिल से एकरार,
होने से पहले मैँ तुम्हारे इश्क में बेहोश।
इश्क मैँ ना बन जाऊ एक जिंदा लाश,
जिसके दिल में ना हो फिर कोई उमंग।
और मैँ भूल जाऊ अपने जिने का ढंग,
इसके पहिले चढालों अपने दिल में इश्क का रंग।

