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Meenaz Vasaya. "મૌસમી"

Romance

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Meenaz Vasaya. "મૌસમી"

Romance

"तेरे प्यार में पागल है दिल।"

"तेरे प्यार में पागल है दिल।"

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मेरे दिल को हर वक्त तेरी ही आस,

मछली को जैसे समंदर की प्यास।

तू दूर है मेरी नजरों से किंतु,

तू है मेरे दिल के पास।

मेरी रूह को हो गई तेरी आदत,

दुनिया को भूल करती हूँ तेरी इबादत।

तेरा नाम जपती हूँ में सुबह शाम,

तुझे दिन रात याद करना है मेरा काम।

मैं कैद हो चुकी हूँ तेरे प्यार की जेल में,

मुझे मिलता है बड़ा सुकून तेरे दिल में।

मैं भूल नहीं सकती तुझे एक पल भी,

तेरे प्यार में पागल है मेरा दिल भी।



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