आंख-मिचोली
आंख-मिचोली
आंख-मिचोली
झुकी-झुकी तुम्हारी आंखें,
कभी लगे ये प्यार का आगाज़ है।
चोरी-चोरी तुम्हारी हरकतें,
क्यूँ दिल को करतीं परेशान हैं।
ये अंजाना रिश्ता हमारे बीच,
तुम जान से भी प्यारी लगती हो।
तुम्हारी अदाएं दिल को छू जाएं,
हर पल जवानी का एहसास दिलाएं।
आंख-मिचोली ने ढाया कहर,
प्यारा सफर बना दिल का नगर।
अजब-गजब तेरी अदाओं से हारा,
स्वर्ग का एहसास दिल में उतारा।
तुम्हारी आंखों का जादू,
मेरे दिल को कर गया बेकरार।
तुम ही हो मेरी दिलदार,
तुम ही हो मेरा संसार।
पहले तो परिवार और मित्रों में था,
दिल में कोई हसीना का खयाल न था।
लड़का-लड़की में भेद न दिखता,
तुम ही प्रियसी बन दिल में बैठीं।

