किशोरावस्था
किशोरावस्था
किशोरावस्था
किशोरावस्था में शुरू हुआ इश्क का सिलसिला,
हसीना की झुकी नज़रें धीरे-धीरे उठने लगीं।
तेज़ चलनेवाले कदम अब बहकने लगे,
तिरछी नज़रों से इशारे होने लगे।
अनजान किशोर कुछ समझने से पहले,
दोस्त उसे सब समझाने लगे।
हसीना के इरादों की बातें होने लगीं,
आग की सुनामी दिल में उठने लगी।
नज़रें मिलीं तो ख्वाब सजने लगे,
राहों में फूल से खिलने लगे।
प्यार की धुन अब साथ चले,
दिल से दिल तक ये गीत बहे।
दिल की धड़कन गाने लगी,
प्यार की लहरें छाने लगीं।
हर पल में, हर सांस में,
इश्क की रौशनी आने लगी।
एहसास से किशोर बेचैन होने लगा,
दिल की धड़कने स्वयं तेज होने लगी।
हर कदम पर उसकी परछाई दिखने लगी,
यही उसके पहिले प्यार की शुरुवात थी।

