आखिरी बार...!!
आखिरी बार...!!
मैं,
उसे बहुत याद करता हूं....!
मैं,
जानता हूं....!!
क्या तुम सोचते हो वो कहीं तुम्हारे आस पास है,
?
?
.....
हां...........
वो मेरे आस पास है,
वो तितली बनके मंडराती है,
वो चिड़िया बन के चहचहाती है,
वो मेरी हंसी में है,
जो अक्सर कहीं बाहर से आके मेरे होंठो पे ठहरी हुई है।
वो मेरे विचारों में है,
जो अक्सर मेरे मस्तिष्क में विचरते हैं....!
वो मेरे हर ओर है,चारों ओर है,
मैं उसे महसूस करता हूं लेकिन....!?
काश:....
मैं उसे एक आखिरी बार गले लगा पाता,
अपनी इन बाहों में......
.............
...........???
