गुरु जीवन का प्रकाश..!
गुरु जीवन का प्रकाश..!
ज्ञान दे, व्यक्तित्व गढ़े
सोच को नया आकार दे,
मजबूत भविष्य की नींव रख
जीवन को आधार दे।
सही दिशा और उद्देश्य दे
हर मुश्किल से तार दे,
कमियों को गुण में बदलकर
संभावनाओं को विस्तार दे।
हर पल सीखने की चाह दे
मन में उमंग अपार दे,
तुम कर सकते हो कहकर सदा
हौसलों को नया विश्वास दे।
पुस्तकों के अध्याय नहीं
जीवन के संस्कार दे,
चरित्र, संवेदना, सफलता से
जीवन को साकार दे।
अज्ञान का अंधकार मिटा
ज्ञान का प्रकाश दे,
भटके हुए कदमों को थाम
सही दिशा और सार दे।
हर बच्चे के सपनों को
उड़ने का अधिकार दे,
प्रतिभा उनकी पहचान कर
पंख और परवाज दे।
स्वार्थ से उठकर वो सदा
सेवा का संस्कार दे,
मानवता के पथ पर चलने का
उनको सच्चा ज्ञान दे।
गुरु वह दीपक है जग में
जो खुद जलकर प्रकाश दे,
अनगिनत पथ को रोशन कर
हर सपने को तराश दे।
