STORYMIRROR

Vivek Gulati

Abstract Inspirational

3  

Vivek Gulati

Abstract Inspirational

ज़िंदगी का सफ़र

ज़िंदगी का सफ़र

1 min
121

ज़िंदगी का सफ़र होगा सुहाना 

या फिर “ क़िस्मत में लिखा” का राग होगा पुराना

हाथ में आपके है जीवन की गाड़ी की कमान

चलाने का तरीका और रास्ता चुनना, है आपका काम

दुर्घटना संभव है अगर करोगे गति सीमा का उल्लंघन

संयम व सादगी से चलोगे, मस्त कटेगा जीवन

स्वार्थी सोच के साथ फँसे रहोगे संकीर्ण गलियों में

हाईवे जैसी मौज होगी, दिल दिमाग़ के खुलेपन से

तेरा मेरा के चक्कर में पड़ना है बेकार

खुश और स्वस्थ रहो, यही दुआ करता हूँ मेरे यार


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract