STORYMIRROR

श्रेया जोशी 'कल्याणी'

Abstract

3  

श्रेया जोशी 'कल्याणी'

Abstract

आओ एक दीप जलाएं

आओ एक दीप जलाएं

1 min
163

आओ एक दीप जलाएं, 

माँ भारती के उन लाडलों के नाम, 

आतंक से लड़ते लड़ते 

जिन्होंने अपने प्राण गंवाए।


भारत माँ की ओर उठने वाले, 

हर शीश काट गिराए।

लड़ते लड़ते मर गए,

पर न शीश अपने झुकाए।


आओ उन्हें श्रद्धा सुमन चढ़ाए

उनके आगे शीश झुकाएँ

आओ एक दीप जलाएं।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract