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श्रेया जोशी 'कल्याणी'

Abstract

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श्रेया जोशी 'कल्याणी'

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मानव जीवन और दैवीय शक्ति

मानव जीवन और दैवीय शक्ति

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दैवीय शक्ति से ही चलता यह संसार सारा, 

माना कुछ क्षेत्रों में विज्ञान ने हाथ पसारा, 

पर कुछ में विज्ञान भी देवत्व से हारा। 


जीवन मृत्यु का चक्र आज भी,

देवी शक्ति के हाथ में है सारा, 

तरह-तरह की तकनीकें होते हुए भी, 

विज्ञान बन सकता नहीं उसका सहारा, 

जिसे दैवीय शक्ति ने पुकारा। 


बच्चों के दुनिया में आते ही,

उसके भोजन का इंतजाम हो जाता सारा, 

यही तो है दैवीय शक्ति का नमूना प्यारा, 

मानव हो या जीव सभी का,

दैवीय शक्ति ही सहारा। 


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