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संजय असवाल "नूतन"

Romance Fantasy Others

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संजय असवाल "नूतन"

Romance Fantasy Others

लड़कों को सिर्फ प्यार में पड़ने की देर है...

लड़कों को सिर्फ प्यार में पड़ने की देर है...

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 लड़कों को सिर्फ प्यार में पड़ने की देर है,
फिर देखो उनके अंदर कितना समंदर ठहरता है।

जो कल तक बेफिक्र हवाओं सा घूमता था,
वो आज किसी की एक मुस्कान पर मरता है।

"मैं ठीक हूं" कहकर जो हर दर्द छुपा लेता था,
अब उसकी आँखों में भी किसी का नाम तैरता है।

लड़कों को सिर्फ प्यार में पड़ने की देर है,
फिर उन्हें भी हरदम चांद का इंतजार रहता है।

बारिश की बूंदों से जो भागता था हरदम,
उसे भी अब बारिश में भीगना अच्छा लगता है।

जो अपने लिए कभी वक्त नहीं निकालता था,
उसे भी अब घंटों किसी का इंतज़ार रहता है।

जो अपनी भावनाएँ शब्दों में नहीं कह पाता था,
वो भी खामोशी से अपनी मोहब्बत का इजहार करता है।

लड़कों को सिर्फ प्यार में पड़ने की देर है,
फिर दुनियां बदलने में वो देर नहीं करता है।

जिसकी जिद में कभी परवाह घुल जाती थी,
वो आदत में अपनी अब नरमी रखता है।

जो सपनों में अकेले कभी जीता था दुनियां,
वो किसी के लिए पूरी जिंदगी जीने लगता है।

लड़कों को जब कभी सच्चा प्यार मिलता है,
वो आशिक, प्रेमी ना जाने क्या क्या बन घूमता है।

लड़कों को सिर्फ प्यार में पड़ने की देर है,
वो खुशियां अपनी किसी के नाम करने लगता है।


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