मेरा सब कुछ है तू..!
मेरा सब कुछ है तू..!
मेरी जान भी तू है, मेरा जहां भी तू है
मेरा करम भी तू, मेरा आसमां है तू ।
मेरा दरिया भी तू है, मेरा समंदर भी तू है
डूब जाऊं तूझमे, ऐसा निर्झर झरना है तू ।
मेरा साज भी तू है,मेरी सरगम भी तू है
अधरों को चूमूं,ऐसी बांसुरी है तू।
मेरी संगनी भी तू है,मेरा नूर भी तू है
तुझमें बस जाऊं,मेरा सब कुछ है तू।
मेरी नादानी भी तू है,मेरी जवानी भी तू है
तेरी धड़कन बन जाऊं,मेरी रवानी है तू।
मेरी माटी भी तू है, मेरी खुशबू भी तू है
मेरी बिछुड़न भी तू, मेरा ठहराव है तू।
मेरा सूरज भी तू है,मेरा चांद भी तू है
मेरा जुगनू भी तू, मेरी बरसात है तू।
मेरा भोर भी तू है,मेरी शाम भी तू है
मेरी गोधूली भी तू,मेरा अहसास है तू।
मेरी विद्या भी तू है,मेरा ज्ञान भी तू है
प्रेम पाती सा पहला, मेरा अक्षर है तू।
मेरी मंजिल भी तू है, मेरा रास्ता भी तू है
मेरा ख्वाब भी तू,मेरा वास्ता है तू।
