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Kavita Sharrma

Abstract

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Kavita Sharrma

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जादू

जादू

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दिखने में तो साधारण है

पर पत्थर में जादू है

तराशा जब कारीगर ने

दिया इसे दिव्य आकार

गणेश, शिव, दुर्गा का रूप पाया

मिला बड़ा सबसे मान

साधारण सा वो धूल से लिपटा

पत्थर बन गया विश्वास का आधार

सबको लगता है है इसमें कोई जादुई चमत्कार

बस विश्वास ही था उस कारीगर का

जिसे था अपनी कला पर मान

विश्वास ही इंसान का इस मूर्ति पर

जिसमें उसने पाया अपना भगवान

विश्वास ही वो जादुई शक्ति जिसमें छिपा है जादुई चमत्कार


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