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✨Nisha yadav✨ " शब्दांशी " ✍️

Tragedy Fantasy

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✨Nisha yadav✨ " शब्दांशी " ✍️

Tragedy Fantasy

आखिर कितने दीप जलाऊं??

आखिर कितने दीप जलाऊं??

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रूठा हुआ दोस्त मान जाए

आखिर कितने दीप जलाऊं

खुदा कोई तो तरकीब दे 

कैसे खुद को समझाऊं

गलती ना उसकी है ना मेरी है कोई

मगर ऐ खुदा ये कैसी तेरी रज़ा है

आखिर कैसे मैं उसके बिना दीवाली मनाऊं

कुछ उदासियां आज भी हैं कुछ बेचैनियां हैं

मेरी कोई खता है भी तो बता दे 

मगर यूं दिल को तड़पा मत

ऐ खुदा कुछ तो राह दिखा

रूठे यार को मनाऊं कैसे

अधूरापन सा बिखरा पड़ा है

खुश होकर ये दीवाली मनाऊं कैसे 


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