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Dr.Purnima Rai

Romance

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Dr.Purnima Rai

Romance

आज तुम फिर बहुत याद आये।

आज तुम फिर बहुत याद आये।

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आज तुम फिर बहुत याद आये।

संग-संग मेरे मुस्कुराये।।

अजब सी कशिश थी हर बात में

हसीन सपने तुम संग लाये ।।

महसूस हुआ जब दिल है तन्हा

प्रेम की गागर छलकती जाये ।।


नजर ने छुआ नजर को यूँ ही

हवा भी मस्त धुन गुनगुनाये।।

ठहरा समय हुआ रूह का मिलन

नभ में "पूर्णिमा" जगमगाये।।



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