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अमित प्रेमशंकर

Tragedy

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अमित प्रेमशंकर

Tragedy

आधुनिक भ्रष्टाचार

आधुनिक भ्रष्टाचार

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देश के नायक गुटखा बेचे

जुआ का प्रचार करे

पैसा देकर वोट मांगते 

नेता जी लाचार करे।।


सब अंधे बहरे बन बैठे 

किसको व्यथा सुनाऊँ मैं 

वस्त्रहीन हो गई नारियांँ

कैसे मुंह दिखाऊँ मैं ।

बहन बेटियां रील नाचकर

मर्यादा को पार करे

पैसा देकर वोट मांगते 

नेता जी लाचार करे।।


सोशल मीडिया शाप बन गई 

पढ़े-लिखे आजाद हुये

देख पोर्न के विडियो 

बच्चे बूढ़े सब बर्बाद हुये।

बने अपाहिज देश के युवा 

पता नही सरकार करे

पैसा देकर वोट मांगते 

नेता जी लाचार करे।।  


किसकी किसकी फाईल निकालूँ

किसका पर्दाफाश करूँ

मुखिया सरपंच सीओ बीडीओ

सबका आज हिसाब करूँ।

घूस, डकैती, चोरी, छीनरी 

अफसर जिम्मेदार करे 

पैसा देकर वोट मांगते 

नेता जी लाचार करे।।



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