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आ गयी है शिवरात्रि

आ गयी है शिवरात्रि

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आ गयी है शिवरात्रि

लेके एक नया सवेरा

अब तो पधारो शंकरजी

भोले भाले शंकरजी,


मन मंदिर मे रहते हैं शंकरजी

अब तो पधारो शंकरजी

लेके बहारों के फूल

लेते हैं हाथ में त्रिशूल।


करते हैं दुशमनों को चकनाचूर

पीते हैं भांग

फिर सबको जाते हैं भूल

आ गयी है शिवरात्रि

लेके एक नया सवेरा

अब तो पधारो शंकरजी।


हमेशा रहतें है कूल

करते है डांस एकदम सुपर कूल

चटाते हैं राक्षसों को धूल

ऐसे हमारे शंकरजी

पधारो शंकरजी।।


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