संत कबीर
संत कबीर
निर्गुण हा ईश्वर|
नको बुक्का अबीर ||
देव तुझ्या हृदयात |
सांगे संत कबीर ||
जात धर्म पंथ हे |
तुझे स्मृती भ्रम ||
तारणहार आहे|
तुझे तुझेच श्रम||
ईश्वर हा एकच |
हृदयी तुझ्या वसे ||
धर्मानुसार देव हा |
नुसता एक भ्रम असे
||
गुरू शिवाय मार्ग नाही |
शोध विवेकाने ||
आचार विचार जपावे|
नित्य सत्य मनाने||
कर्म हे बीज|
इथेच येणार फळा||
काया मन शुद्ध होता|
फुलेल जीवन मळा||
✍️*शेषराव येळेकर*
*दि २८/०९/२६*
