कलमकार सत्येन्द्र सिंह

Abstract Inspirational Thriller


3  

कलमकार सत्येन्द्र सिंह

Abstract Inspirational Thriller


वोट

वोट

1 min 212 1 min 212

वह अकेला किसी तरह वोट डालकर वापस आ रहा था।

सारे साधन बंद थे पर अब तो चुनाव केंद्र दो किलोमीटर के अंदर बनने से उसे आराम हो गया था सो धीरे धीरे घर वापस पहुँच ही गया।

उसका बस चलता तो हर छह महीने में कभी पंचायती तो कभी एम।एल।ए। तो कभी सांसदी का चुनाव करवा देता।

चुनाव के दिन मिले सौ सौ के नोट लोकतंत्र में लोक का कुछ भला कर पाते थे शायद।


Rate this content
Log in

More hindi story from कलमकार सत्येन्द्र सिंह

Similar hindi story from Abstract