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कलमकार सत्येन्द्र सिंह

Inspirational Thriller

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कलमकार सत्येन्द्र सिंह

Inspirational Thriller

हनीमून

हनीमून

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“तुम लोग हनीमून के लिए कहाँ गए...?” – उसके ज़हरीले सवाल ने नेहा को डसने की कोशिश की।

“भाई...अपने पास इतने पैसे फ़िज़ूल में तो हैं नहीं...बस माँ-बाउजी को कुछ दिन के लिए नीमसार भेज दिए...बस इसी घर में हनीमून मन गया...” – नेहा ने कहा।

नेहा के चेहरे पर ख़ुशी और ग़म के मिश्रित भाव थे।


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