विशेषता
विशेषता
"आज कार्यालय में वृक्षारोपण का आयोजन है; कम से कम पचास पौधे तो चाहिए ही होंगे नमन।" "मैं शीघ्र ही नर्सरी से नीम,पीपल, बरगद, जामुन, शीशम और आम की सेपलिंग बुला लेता हूँ अनिल।" दो कर्मचारी आपस में बात करते हुए। "इससे क्या फर्क पड़ता है नमन, कौन से पौधे लाने हैं; कोई भी पौधे लाए जा सकते हैं; हमारा उद्देश्य तो हरियाली बढ़ाना है और अपने आयोजन को सफल बनाना है।" "हाँ!" आश्चर्य भाव से नमन ने कहा। "सभी पौधे एक ही उद्देश्य की तो पूर्ति करते हैं न?" झुंझलाहट के साथ अनिल ने कहा।" "अच्छा!" पुनः आश्चर्य भाव से नमन ने कहा। "यह किसलिए?" अचानक नमन द्वारा हाथ में एक हरे रंग की टी-शर्ट दिए जाने पर अनिल ने पूछा। "सभी को कार्यक्रम स्थल पर इसे ही पहन कर आना है; ऐसा आदेश है।" नमन ने बताया। "अच्छा, लेकिन नमन, इस कपड़े की गुणवत्ता अच्छी नहीं है; गिफ्ट देना ही था, तो अच्छा ही देते; कम-से-कम बाद में भी पहनने का दिल तो करता न; यह तो ऐसा है जैसे यूज़ एंड थ्रो।" "लेकिन अभी तुमने ही कहा न अनिल, कोई भी पौधा लगाओ सभी का एक ही उद्देश्य है; वैसे ही टी-शर्ट का भी तो सभी के लिए एक ही उद्देश्य है न, पहनना और हरियाली में हरा दिखना; फिर मटेरियल कोई भी हो, क्या फर्क पड़ता है?" "ओफ्फो! नमन, इन दोनों बातों का आपस में क्या संबंध है?" "क्यों नहीं है? जिन पौधों की बात मैंने कि वह पर्यावरण हितैषी और अधिक मात्रा में ऑक्सीजन देने वाले हैं; यानी गुणवत्ता में दूसरे टी-शर्ट की तरह ए-वन अगर किसी से भी काम चला होता तो मैं विशेष पौधों के नाम लेता ही क्यों और तुम पहले टी-शर्ट को रिजेक्ट करते ही क्यों?"
