STORYMIRROR

Shailaja Bhattad

Children Stories Inspirational

2.0  

Shailaja Bhattad

Children Stories Inspirational

सजगता

सजगता

1 min
44

"राहुल, करण आज चेस की प्रैक्टिस के लिए तुम्हारे साथ घर पर स्कूल से सीधे आने वाला था न? क्या हुआ?"

 "करण आज स्कूल नहीं आया था, माँ।"

" क्यों? क्या हुआ?"

 "मैडम बता रही थी, कि प्रदूषित पानी पीने के कारण उसे डायरिया हो गया है।"

 "इसीलिए मैं तुमसे हमेशा कहती हूँ न, कि फिल्टर का पानी या उबला पानी ही पीना चाहिए।"

 "हाँ! माँ, हमारे स्कूल में भी फिल्टर लगा है। जब घर का पानी खत्म हो जाता है, तो मैं वहीं से बोतल में भर लेता हूँ।"
" बहुत बढ़िया!"
"अच्छा माँ, मैं अपना रोज का काम पूरा करके खेलने जाता हूँ।" कहकर राहुल किचन की ओर मुड़ा।

  "तुम फिल्टर का पानी क्यों ले रहे हो राहुल?"

  "माँ, अभी-अभी आपने कहा न!"

 "हाँ, वह तो हम लोगों के लिए, पेड़-पौधों के लिए नहीं।"
 "क्यों माँ, ऐसा भेदभाव क्यों?"

 "भेदभाव नहीं, राहुल। नल के पानी में पौधों के विकास के लिए आवश्यक प्राकृतिक खनिज मौजूद होते हैं, जो फिल्टर से नष्ट हो जाते हैं, साथ ही इसमें क्लोरीन भी थोड़ी मात्रा में होती है, जो मिट्टी में फंगस व बैक्टीरिया को रोकती है। कुल मिलाकर पौधों के विकास के लिए नल का पानी जरूरी है, जबकि हमारे लिए यही पानी बीमारी का कारण।"

"अच्छा! माँ, समझ गया। फिर यह पानी मैं ही पी लेता हूँ।"


Rate this content
Log in