मत
मत
"देखो न मैंने बहुत अच्छी कहानी लिखी है। पढ़ोगी?" "सुना दो, किस विषय पर लिखी है?" "तुम्हें तो पता ही है न, मैं समस्याओं पर ही लिखती हूँ, वह तो ठीक है लेकिन मैं समस्याएँ सुन-सुनकर बोर हो चुकी हूँ।" "लेकिन सभी तो समस्याओं पर ही लिखते हैं न?" "समस्या तो सभी देख सुन रहे हैं समाचार पत्र भरे पड़े हैं इनसे। इस दिमाग को बीमारी नहीं, टॉनिक चाहिए। स्वस्थ शरीर को पौष्टिक खाना और स्वस्थ मन को सकारात्मक बातें चाहिए। यह क्या लिखा है तुमने, एक लड़की कूड़े "
