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Shailaja Bhattad

Abstract

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Shailaja Bhattad

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मार्गदर्शन

मार्गदर्शन

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"आपकी बेटी बहुत होनहार है। श्लोक गाती है, दौड़ में भी नंबर वन आती है। स्टेज हो या ग्राउंड हर जगह नंबर वन आती है। 'गुणी माँ की गुणी बेटी,' बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देकर आप अपने समय का सदुपयोग कर रही हैं।" अपार्टमेंट की एक महिला ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में रीमा की बेटी सुधा के प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई देते हुए यह कहा। "यह सब तो ठीक है, लेकिन सर्वांगीण विकास तो तब होता जब ये अपनी बच्ची को यह भी सिखाती, कि किसी के बहकावे में आकर या किसी के कुछ भी करने का कहने पर, सही-गलत का विचार किए बिना, कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, क्योंकि उठाया गया एक भी गलत कदम आपकी प्रतिभा पर व विश्वसनीयता पर ग्रहण लगा देता है। काश!प्रतियोगिता जीतने से पहले, आपने उसे दूसरों का मन जितना सिखाया होता! माफ कीजिएगा, आपको मेरा ऐसा कहना कटु लग सकता है, लेकिन यह आपकी बेटी के ही हित में है।"
 "ऐसा क्या किया है? मेरी बेटी ने।"

 "यह आप स्वयं अपनी ही बेटी से क्यों नहीं पूछ लेती। मैं तो चश्मदीद गवाह हूँ ही, लेकिन अच्छा यही होगा कि आप स्वयं ही सुधा से पूछ लें।"
 "जरूर! सुधा ये आंटी क्या कह रही हैं? कल तुम्हें किसी ने कुछ करने को कहा और तुमने कर दिया। क्या कर दिया? और किसने कहा?"

 "हाँ माँ, आंटी सच कह रही हैं।"
 "क्या सच कह रही हैं? साफ-साफ बताओ।"

 "यही कि, कल रवि ने मुझसे कहा कि फलाने की साइकिल, प्रिया आंटी की कार पार्किंग में रख दो।" क्यों? यह तो गलत है न? उन्होंने अपार्टमेंट के व्हाट्सएप ग्रुप में कई बार लिखा भी है, कि उनकी कार पार्किंग का मिसयूज हो रहा है, फिर यह सब क्यों?"

 "चिढ़ाने के लिए माँ, वह कह रहा था इस आंटी को परेशान करने में मजा आता है।"
 "लेकिन तुम मना भी तो कर सकती थी न?"
 "हाँ,सही कहा। माँ, इस बात का अहसास होते ही, मैंने तुरंत उसके वहाँ से जाने पर वापस साइकिल सही जगह पर रख दी और प्रिया आंटी को सब सच बताकर माफी भी माँग ली।"

 "मुझे गर्व है! तुम पर सुधा।"

 "मुझे भी।" पूरी बात सुनकर मुस्कुराते हुए रमा ने कहा।

 "लेकिन सुधा अगली बार से कोई भी तुम्हें गलत काम करने के लिए कहे तो साफ मना करना और साथ में यह भी कहना, कि कोई भी काम सही या गलत, एक बार करो, तो वह आदत बन जाता है और मुझे अच्छी आदतें बनानी है।" आगे ऐसी घटना फिर न हो अत: सावधानी बरतते हुए रीमा ने अपनी बेटी का मार्गदर्शन किया।


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