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डाॅ.मधु कश्यप

Abstract

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डाॅ.मधु कश्यप

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सपना जो पूरा किया

सपना जो पूरा किया

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 "तुम सबों को गप्पें हाँकने बुलाया है ? या मेरी मदद करने। बताओ ना मैं आगे क्या करूँ ?"

"अरे हम क्या बताएँ ? हम सिर्फ तुम्हें सलाह दे सकते हैं।"

"तो वही दे दो।"

"तुमने तो कहा ही था कि आई एस ऑफिसर बनना है फिर सोच क्या रही ?तैयारी शुरू कर दो या फिर कोचिंग ज्वाइन कर लो। आंटी अंकल से भी पूछ लो।"

" ठीक है देखती हूँ। क्या हो सकता है ?"रोली घर आकर चिंता में डूब गई।एम.ए में नाम लिखा लूँ या केवल तैयारी करो ।अगर नहीं हो पाया तो साल बर्बाद हो जाएगा और नाम लिखा लिया तो फिर क्लास करनी होगी ।तो तैयारी कैसे होगी? दादा जी इतना नहीं समझेंगे और बिना उनकी इजाजत के मैं कुछ नहीं कर सकती। यही सब सोचते सोचते कब रोली की आँख लग गई उसे पता नहीं चला। सुबह उठते ही रोली ने दिल्ली में एक कोचिंग में दाखिले के लिए फॉर्म भर दिया ।जहाँ उसे आईएएस की तैयारी करनी होगी और दादा जी एम.ए में दाखिले के लिए कहने लगे ।समाज की यही रीत बनी है शायद ,बेटी का ग्रेजुएशन हुआ नहीं की शादी के लिए खोजबीन शुरू कर दो।

एम ए या तैयारी तो कहने के लिए होती है ।कोई यह न कहें कि लड़की खाली बैठी है कुछ कर नहीं रही ।मन मारकर रोली दादा जी के साथ नाम लिखाने के लिए तैयार हो गई ।कोचिंग से कोई जवाब ना आया तो उसे भूल ही चुकी थी। आज रोली को नाम लिखवाने जाना था। जैसे ही वह घर आई नाम लिखा कर उसने देखा कि कोचिंग का भी लेटर आया हुआ है एडमिशन के लिए। उसे समझ में ना आया कि वह क्या करें।

बहुत दुविधा हो गई। आखिर उसने बहुत सोच समझकर एम.ए को ही प्राथमिकता दी। उसकी पढ़ाई भी होगी ।साल बर्बाद नहीं होगा और तैयारी भी होती रहेगी ।परिवार वाले भी खुश रहेंगे। उस समय रोली को थोड़ा दुख भी हुआ पर आज जब वह अपने फैसले को देखती है तो उस पर गर्व करती है। आज वह एम.ए करके पीएचडी होल्डर है और कॉलेज में कार्यरत है। एक सपना पूरा ना हुआ तो उसने दूसरा सपना देखा और आज उसे पूरे दिल लगाकर पूरा कर रही है।


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